
नवाबगंज/उन्नाव। सोहरामऊ थाना क्षेत्र के बगहा गांव में जमीन और पैसों के विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। गुरुवार देर रात बड़े बेटे ने अपने ही पिता की चापड़ से वार कर हत्या कर दी। घटना से गांव में सनसनी फैल गई, जबकि परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक बगहा गांव निवासी गंगाप्रसाद (53) किसान थे। परिवार में उनके चार बेटे—धर्मेंद्र (35), महेंद्र (28), जितेंद्र (25) और नरेंद्र (20) हैं। करीब छह माह पूर्व पत्नी की मौत के बाद परिवार पहले ही सदमे से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि गंगाप्रसाद अपनी एक बीघा जमीन में से एक बिस्वा जमीन बेचने की तैयारी कर रहे थे, जिसका बड़ा बेटा धर्मेंद्र विरोध कर रहा था।
परिजनों के अनुसार पहले बेची गई जमीन की रकम छोटे बेटे नरेंद्र को दिए जाने से धर्मेंद्र नाराज था। इसी बात को लेकर गुरुवार रात पिता-पुत्र के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में धर्मेंद्र ने चापड़ से पिता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से गंगाप्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी ने अपनी पत्नी को वारदात की जानकारी दी। इसके बाद छोटे बेटे नरेंद्र ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सोहरामऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी अरविंद पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक मामूली जमीन विवाद ने परिवार के मुखिया की जान ले ली, जिससे पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है.
