उन्नाव। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत उन्नाव पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। प्रभावी विवेचना और अभियोजन की सशक्त पैरवी के फलस्वरूप माननीय न्यायालय CJM द्वारा पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के मामले में अभियुक्ता अनीता पत्नी स्व. चन्द्रपाल, निवासी रामननखेड़ा, थाना बिहार जनपद उन्नाव को 01 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई।
विवेचक उ0नि0 अरविन्द पांडेय के अनुसार, उक्त अभियुक्ता पूर्व में एक अन्य प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा काट रही थी। जेल में तबीयत खराब होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान वह वाशरूम जाने का बहाना बनाकर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गई थी। इस संबंध में थाना कोतवाली सदर पर दिनांक 08.09.2023 को मु0अ0सं0 744/23 धारा 224 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
उन्होंने बताया कि अभियुक्ता को दिनांक 10.09.2023 को गिरफ्तार कर लिया गया था तथा दिनांक 04.11.2023 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया। मामले की सतत मॉनीटरिंग एवं प्रभावी पैरवी के चलते दिनांक 06.05.2026 को न्यायालय द्वारा अभियुक्ता को दोषसिद्ध पाते हुए 01 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया।
इस प्रकरण में अभियोजन अधिकारी अनन्त त्रिपाठी (पी.ओ.), विवेचक उ0नि0 अरविन्द पांडेय, पैरोकार का0 शिव कुमार, कोर्ट मोहर्रिर का0 प्रदुम्न कुमार एवं का0 वीर प्रताप का विशेष योगदान रहा।
इससे हमें सीख मिलती है?
यह मामला स्पष्ट करता है कि कानून से बचने की हर कोशिश अंततः असफल होती है और सजा को और गंभीर बना देती है। पुलिस अभिरक्षा से फरार होना एक गंभीर अपराध है, जिस पर न्यायालय सख्त रुख अपनाता है। साथ ही यह भी साबित होता है कि मजबूत विवेचना, समय पर चार्जशीट और प्रभावी पैरवी से न्याय दिलाना संभव है और अपराधियों को दंडित करना सुनिश्चित किया जा सकता है।
