उन्नाव। शुक्रवार को तहसील पुरवा में उस समय हड़कंप मच गया जब लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने तहसील परिसर में तैनात ममता नामक लेखपाल को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। मामला अकोहरी ग्राम सभा से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां लंबे समय से अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा था।
असंक्रमण भूमि को संक्रमणीय बनाने के नाम पर वसूली
जानकारी के अनुसार अकोहरी ग्राम सभा में तैनात लेखपाल ममता पर आरोप था कि वह असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय बनाने के नाम पर पट्टा धारकों और आम ग्रामीणों से लगातार वसूली कर रही थीं। ग्रामीणों के बीच चर्चाएं थीं कि बिना रुपये दिए उनके यहां कोई काम नहीं होता था। चाहे भूमि संबंधी दस्तावेज तैयार करने हों या छोटे-मोटे प्रमाण पत्र, हर जगह पैसों की मांग की जाती थी।
शिकायत के बाद सक्रिय हुई एंटी करप्शन टीम
ग्रामीणों में लगातार बढ़ती नाराजगी के बाद एक पीड़ित ने एंटी करप्शन विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए गए तो शुक्रवार को लखनऊ से टीम सीधे पुरवा तहसील पहुंची। टीम ने पहले ही योजना बना रखी थी कि जैसे ही पीड़ित व्यक्ति लेखपाल को पैसे देगा, उसी समय कार्रवाई की जाएगी।

रंगे हाथ पकड़ी गई लेखपाल
योजना के मुताबिक पीड़ित व्यक्ति तयशुदा रकम लेकर ममता लेखपाल के कमरे में पहुंचा। जैसे ही उसने पैसे सौंपे, पहले से घात लगाकर बैठी एंटी करप्शन टीम कमरे में दाखिल हुई और ममता को घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारी और ग्रामीण यह नजारा देखकर दंग रह गए। टीम ने बरामद रकम को कब्जे में लेकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
तहसील परिसर में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई की खबर पूरे तहसील परिसर में तेजी से फैल गई। एक ओर लोग एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों के बीच दहशत का माहौल दिखाई दिया। कई लोगों ने कहा कि भ्रष्टाचार का यह खेल लंबे समय से चल रहा था लेकिन लोग डर या दबाव के कारण खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे थे।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्राम सभा अकोहरी के लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल के पास बिना रुपये दिए किसी का भी काम नहीं होता था। प्रमाण पत्र बनाने से लेकर नामांतरण तक, हर जगह अवैध वसूली की जाती थी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अब भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।
प्रशासन की अगली कार्रवाई
एंटी करप्शन टीम ने ममता लेखपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं तहसील प्रशासन ने भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोर कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साफ हो गया है कि प्रदेश सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। तहसील पुरवा में हुई इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचारियों को बड़ा संदेश दिया है कि अब कोई भी अवैध तरीके से जनता का शोषण नहीं कर सकेगा।
