उन्नाव: औद्योगिक क्षेत्रों में इनकम टैक्स का बड़ा एक्शन, कई फैक्ट्रियों पर एकसाथ छापेमारी

उन्नाव, 11 सितम्बर 2025:
उन्नाव के औद्योगिक क्षेत्रों में गुरुवार सुबह उस वक्त हलचल मच गई, जब इनकम टैक्स (आईटी) विभाग की कई टीमों ने एकसाथ कई फैक्ट्रियों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई टैक्स चोरी की आशंका के चलते की गई है। विभाग को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह एक बड़ा ऑपरेशन बताया जा रहा है, जिसमें दही चौकी और अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्रों की कई यूनिट्स को निशाना बनाया गया।

दही चौकी से शुरू हुई कार्रवाई

गुरुवार सुबह करीब 7 बजे के आसपास सबसे पहले दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख फैक्ट्री पर छापेमारी की गई। आईटी विभाग की टीम बिना किसी पूर्व सूचना के फैक्ट्री परिसर में दाखिल हुई और दस्तावेज़ों की जांच शुरू की। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों और प्रबंधन को फैक्ट्री के अंदर ही रोक लिया गया और किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

अकरमपुर में दो और यूनिट्स पर दबिश

इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया और अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्र की दो और यूनिट्स पर भी टीमों ने एकसाथ दबिश दी। इनमें से एक यूनिट मिर्ज़ा इंडस्ट्रीज़ की यूनिट–2 बताई जा रही है, जहाँ करीब 6 सदस्यीय टीम दस्तावेज़ों, लेन-देन के रिकॉर्ड, कंप्यूटर डेटा और अकाउंट बुक्स की गहनता से पड़ताल कर रही है।

यूरो और मार्शल फुटवियर भी आईटी के रडार पर

इसी क्रम में यूरो फुटवियर पर भी आयकर विभाग ने छापा मारा है। फैक्ट्री परिसर में अधिकारी पूरे दिन दस्तावेजों की जांच में लगे रहे। सूत्रों के मुताबिक, मार्शल फुटवियर पर भी आईटी का शिकंजा कस चुका है। हालांकि विभाग की ओर से अब तक किसी कंपनी का नाम आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं किया गया है, लेकिन स्थानीय जानकारी के अनुसार ये नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।

गहनता से जांच जारी, रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं

आयकर विभाग की टीमें फैक्ट्रियों में मौजूद सभी वित्तीय दस्तावेज़ों, कंप्यूटर सिस्टम, अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही हैं। जांच का विशेष फोकस माल की खरीद-बिक्री, माल की आवाजाही की एंट्री, बैंक ट्रांजेक्शन, जीएसटी से जुड़ी एंट्री और काले धन की संभावनाओं पर है।

सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग को कुछ समय पहले ही इन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ टैक्स चोरी और हेराफेरी से जुड़ी ठोस जानकारी मिली थी। इसी के आधार पर विभाग ने पहले से रणनीति बनाकर यह छापेमारी की। बताया जा रहा है कि एक साथ कई टीमों को लगाकर सर्वे स्टाइल की कार्रवाई की जा रही है, जिससे किसी को भी दस्तावेज़ छुपाने या डेटा डिलीट करने का समय न मिल सके।

कार्रवाई जारी, खुल सकते हैं बड़े राज

अब तक की कार्रवाई में अधिकारियों को क्या मिला है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संभावना है कि करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी से जुड़े सबूत सामने आ सकते हैं। विभाग की टीमों ने फैक्ट्रियों के कई अधिकारियों और अकाउंटेंट्स से पूछताछ भी शुरू कर दी है।

माना जा रहा है कि यह अभियान देर रात तक या संभवतः अगले कुछ दिनों तक भी जारी रह सकता है। विभाग की मंशा सिर्फ सतही जांच नहीं बल्कि गहराई से पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस मुस्तैद

छापेमारी के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा। हर यूनिट के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि न तो कोई अंदर-बाहर जा सके और न ही कोई दस्तावेज़ या सबूत गायब किए जा सकें।

व्यापार जगत में खलबली

इस अचानक हुई कार्रवाई से उन्नाव के औद्योगिक और व्यापारिक जगत में चिंता और खलबली का माहौल है। स्थानीय कारोबारी इसे एक बड़ा संकेत मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में और भी यूनिट्स आईटी विभाग की रडार पर आ सकती हैं। कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह की कार्रवाई से ईमानदार कारोबारियों पर भी दबाव बढ़ता है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स कानूनों को सख्ती से लागू करने के लिए जरूरी है।

उन्नाव में इनकम टैक्स की यह छापेमारी सिर्फ कुछ यूनिट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी तैयारी और पुख्ता जानकारी का आधार है। आने वाले समय में इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप टैक्स चोरी के बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी तय है कि अब टैक्स नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त शिकंजा कसता जाएगा।

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