बांगरमऊ में दर्दनाक हादसा: मंदिर में पूजा के दौरान करंट लगने से मजदूर की मौत, परिवार में मचा कोहराम

बांगरमऊ (उन्नाव), 1 सितंबर।
नगर के दुर्गेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार सुबह पूजा करने गए एक मजदूर की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब मृतक मंदिर परिसर में पूजा के दौरान गलती से खुले पड़े बिजली के तार की चपेट में आ गया। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों ने घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

स्नान के बाद पूजा करने गया था मंदिर

जानकारी के अनुसार, मोहल्ला पंजाबी टोला निवासी 48 वर्षीय दीपू पुत्र रामलाल रोज की तरह सुबह उठकर स्नान के बाद पूजा-पाठ के लिए नानामऊ रोड स्थित प्रसिद्ध दुर्गेश्वर महादेव मंदिर गया था। सुबह करीब 6:30 बजे जब वह मंदिर परिसर में पूजा कर रहा था, तभी उसका हाथ गलती से एक खुले बिजली के तार से छू गया। करंट लगते ही वह मौके पर ही झुलस गया और ज़मीन पर गिर पड़ा।

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल, लेकिन बचाया नहीं जा सका

हादसे के तुरंत बाद मंदिर में मौजूद अन्य श्रद्धालु और स्थानीय लोगों ने घायल दीपू को आनन-फानन में बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

दीपू की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। पत्नी नीतू और 16 वर्षीय इकलौती बेटी वैष्णवी बेसुध हो गईं। मृतक अपने चार भाइयों में मंझला था और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके छोटे भाई विज्ञान, धीरज और मोनू भी गहरे सदमे में हैं। परिवार की माली हालत पहले से ही कमजोर बताई जा रही है, और अब दीपू की असमय मौत ने उन पर आर्थिक संकट और बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मंदिर परिसर में कई जगहों पर बिजली के तार खुले पड़े हैं, जिसकी जानकारी पहले भी बिजली विभाग और मंदिर समिति को दी गई थी। बावजूद इसके, किसी प्रकार की मरम्मत या सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। लोगों का कहना है कि यह हादसा पूरी तरह लापरवाही का नतीजा है और इसके लिए संबंधित विभाग और मंदिर प्रशासन जिम्मेदार हैं।

पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह करंट लगने से हुई मौत प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन से मुआवज़े की मांग

मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवज़ा दिया जाए, ताकि परिवार का गुजारा हो सके। इसके अलावा दोषी अधिकारियों और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।

यह हादसा सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्थागत लापरवाही का कड़वा परिणाम है। सार्वजनिक स्थलों, विशेषकर धार्मिक स्थलों पर बिजली जैसी खतरनाक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए। प्रशासन को न सिर्फ जांच करनी चाहिए, बल्कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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