उन्नाव। पुरवा विधानसभा से भाजपा विधायक अनिल सिंह का एक बयान राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। नगर पंचायत पुरवा के एक कार्यक्रम में विधायक ने सार्वजनिक मंच से क्षेत्र में जुआ, शराब, स्मैक और गांजा जैसे अवैध कारोबार संचालित होने की बात कही। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि इन गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के बजाय लखनऊ से विशेष टीम और एसटीएफ को लगाया गया है।
विधायक के इस बयान ने कानून व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर प्रदेश सरकार अपराध और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के विधायक स्वयं अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के संचालित होने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान विधायक अनिल सिंह ने पूर्व सपा विधायक उदयराज यादव पर भी निशाना साधते हुए विवादित टिप्पणी की। लेकिन सबसे अधिक चर्चा उनके उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जुआ खिलवाने, शराब बिकवाने और नशे का कारोबार करने वालों पर नजर रखी जा रही है तथा उन्हें पकड़ने के लिए एसटीएफ को लगाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधायक के बयान से यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि क्षेत्र में अपराध और अवैध कारोबार इतने व्यापक स्तर पर चल रहे हैं तो अब तक स्थानीय पुलिस की कार्रवाई क्यों प्रभावी नहीं रही। वहीं स्थानीय पुलिस को छोड़कर दूसरी एजेंसियों से कार्रवाई कराने की बात भी पुलिस व्यवस्था पर अविश्वास के रूप में देखी जा रही है।
विधायक के बयान के बाद विपक्ष को भी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है। आम लोगों के बीच भी यह चर्चा है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं मंच से अपराधों के संचालन की बात कह रहे हैं तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है।
अब देखना होगा कि विधायक के बयान के बाद प्रशासन और पुलिस विभाग इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देता है और कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई सामने आती है।
