उन्नाव। पुरवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल सिंह और पत्रकार रंजन बाजपेई के बीच चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। इस बीच भाजपा कार्यकर्ता राहुल राजपूत की एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने विधायक के रवैये पर सवाल उठाते हुए पत्रकारिता की स्वतंत्रता का समर्थन किया है।
राहुल राजपूत ने अपनी पोस्ट में कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका सत्ता और विपक्ष दोनों से सवाल पूछने की होती है। पत्रकार का दायित्व जनता के मुद्दों को उजागर करना और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगना है। ऐसे में किसी पत्रकार के सवालों या रिपोर्टिंग के कारण व्यक्तिगत टिप्पणी या धमकी जैसे बयान देना उचित नहीं माना जा सकता।
भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि वह भाजपा और विधायक अनिल सिंह के समर्थक रहे हैं, लेकिन हाल के घटनाक्रमों को देखकर उन्हें अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि आलोचना को लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा मानना चाहिए और जनप्रतिनिधियों को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
पोस्ट में राहुल राजपूत ने यह भी कहा कि बड़े पदों पर बैठे लोगों को अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि जनता सब कुछ देख रही होती है। उन्होंने विधायक को नसीहत देते हुए कहा कि व्यक्तिगत हमलों के बजाय मुद्दों पर जवाब देना अधिक उचित होगा।

गौरतलब है कि विधायक अनिल सिंह द्वारा पत्रकार रंजन बाजपेई को कथित रूप से दी गई धमकी को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। इस मामले में विभिन्न राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। राहुल राजपूत की यह पोस्ट भी उसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
हालांकि, इस पूरे मामले में विधायक अनिल सिंह की ओर से राहुल राजपूत की पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
(नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पोस्ट के आधार पर तैयार किया गया है। पोस्ट में व्यक्त विचार संबंधित व्यक्ति के निजी विचार हैं।)
