नगर पंचायत पुरवा में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल उजागर होने के आरोप, धार्मिक आस्था के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट!
पुरवा स्थित बाबा विश्लेश्वर महादेव मंदिर के पवित्र तालाब के जीर्णोद्धार के लिए वर्ष 2024 में 60 लाख रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। ऑनलाइन निविदा के माध्यम से यह कार्य मेसर्स संदीप शुक्ला कंस्ट्रक्शन को आवंटित किया गया था। अब आरोप है कि करोड़ों की आस्था से जुड़े इस तालाब पर स्वीकृत धनराशि खर्च दिखा दी गई, लेकिन धरातल पर कार्य नगण्य दिखाई देता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि 60 लाख रुपये वास्तव में खर्च हुए हैं तो तालाब की हालत बदहाल क्यों है? मौके की स्थिति स्वीकृत बजट के अनुरूप नजर नहीं आती, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका गहरा गई है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि नगर पंचायत के पिछले वर्षों में कराए गए कई कार्य भी मेसर्स संदीप शुक्ला कंस्ट्रक्शन को ही दिए गए और उन कार्यों में भी गुणवत्ता व पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
धार्मिक आस्था के केंद्र बाबा विश्लेश्वर महादेव तालाब के नाम पर हुए कथित 60 लाख रुपये के इस घोटाले ने नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जनता जानना चाहती है कि आखिर 60 लाख रुपये गए कहां? क्या कागजों में विकास दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया? और यदि आरोप सही हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों व कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई कब होगी?

जनता पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों की जवाबदेही तय करने और सरकारी धन की रिकवरी की मांग कर रही है।
