तहसीलों में लंबित राजस्व मामलों पर सख्त हुए डीएम, नए एसडीएम को पारदर्शिता और समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

उन्नाव। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने जनपद की विभिन्न तहसीलों में नए कार्यभार ग्रहण करने वाले उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर राजस्व कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह कार्यशैली अपनाते हुए सभी लंबित मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने धारा 24, 34, 80 एवं 116 के लंबित वादों, सीएम हेल्पलाइन, आईजीआरएस, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना तथा फार्मर रजिस्ट्री सहित अन्य राजस्व मामलों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

डीएम ने निर्देश दिए कि सभी उपजिलाधिकारी शासन द्वारा निर्धारित समय पर तहसील कार्यालय में बैठकर फरियादियों की शिकायतें सुनें तथा उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों में असंतुष्टि का स्तर हर हाल में 20 प्रतिशत से कम लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। फार्मर रजिस्ट्री के लिए लेखपालों को गांवों में भेजकर सत्यापन कराया जाए और उपजिलाधिकारी स्वयं भी फील्ड में जाकर कार्यों की निगरानी करें।

बैठक में आगामी बाढ़ और कांवड़ यात्रा को देखते हुए आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और प्रतिदिन अपने स्तर पर कार्यों की समीक्षा करते रहें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड़, सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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