उन्नाव जनपद में घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट प्रशांत द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि बीते 15 दिनों से उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया, जबकि कथित तौर पर दलालों और व्यापारियों को अवैधानिक तरीके से ऊंची रकम लेकर सिलेंडर दिए जा रहे हैं।
प्रशांत द्विवेदी का कहना है कि गैस एजेंसी के कर्मचारी आम उपभोक्ताओं की अनदेखी कर रहे हैं और कालाबाजारी को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ व्यापारियों को करीब 1800 रुपये लेकर सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि गैस न मिलने के कारण उनकी माता को मजबूरी में चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आरटीआई एक्टिविस्ट ने संबंधित संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो इसकी शिकायत भारत सरकार तक की जाएगी और पूरे मामले का हिसाब-किताब मांगा जाएगा।
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर गैस वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है और आम उपभोक्ताओं को कब तक राहत मिलती है।
