सोहरामऊ: चौकी इंचार्ज, लेखपाल व खनन अधिकारी पर अवैध खनन के गंभीर आरोप

उन्नाव/सोहरामऊ। जिले के सोहरामऊ क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें चौपई चौकी इंचार्ज, लेखपाल और खनन अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को दरकिनार कर बड़े स्तर पर खनन का खेल चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक निजी कंपनी (PNC) के नाम पर 3879 घन मीटर मिट्टी खनन की अनुमति ली गई थी। नियमानुसार 15 दिनों के भीतर इस मिट्टी को नीवा गांव स्थित प्लांट के सामने बने गड्ढों में डाला जाना था।

लेकिन आरोप है कि निर्धारित स्थान पर मिट्टी डालने के बजाय इसे हरौनी रोड स्थित निजी संस्थानों को ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है, जिससे सरकारी आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।

सीमावर्ती क्षेत्र का फायदा, नेटवर्क सक्रिय

सूत्रों के मुताबिक, चौकी क्षेत्र लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र से सटा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। जयवीर नामक सिपाही, जो पहले बंथरा थाने में कारखास रह चुका है, वर्तमान में चौकी में तैनात है और पूरे नेटवर्क को संचालित करने के आरोपों में घिरा है।

गोवंश तस्करी के भी आरोप

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसी नेटवर्क के माध्यम से कई बार आवारा गोवंशों को ट्रकों में लादकर ले जाया गया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

टेक्निकल सवाल खड़े

अनुमति के अनुसार केवल 277 डंपर मिट्टी ही निकाली जानी थी, जो एक दिन में पूरी की जा सकती है। इसके बावजूद लगातार कई दिनों से खनन जारी रहने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि अनुमति की आड़ में अन्य घाटों से भी खनन किया जा रहा है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन क्यों हैं। क्या इस पूरे मामले को किसी का संरक्षण प्राप्त है?

जांच की मांग

स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


(नोट: खबर में लगाए गए आरोप स्थानीय सूत्रों व उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित विभागों का पक्ष लिया जाना बाकी है।)

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