हसनगंज तहसील के निबहरी गांव में अवैध मिट्टी खनन का खेल, डीआरडीओ के नाम पर हो रही लूट — लेखपाल सुनील सिंह पर साठगांठ के आरोप

VIP मैनेजमेंट संभालते हैं सुनील सिंह, खनन माफियाओं से मिलीभगत के गंभीर आरोप

उन्नाव। तहसील हसनगंज के ग्राम निबहरी में अवैध मिट्टी खनन का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। खनन विभाग को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीआरडीओ के नाम से अनुमति लेकर मिट्टी की खुदाई की गई, लेकिन अनुमति शर्तों को ताक पर रखकर अन्य गाटो में खनन कर मिट्टी लखनऊ के निजी संस्थानों को महंगे दामों पर बेची जा रही है।

शिकायत के अनुसार यह पूरा अवैध कार्य क्षेत्रीय लेखपाल सुनील सिंह की मिलीभगत से संचालित हो रहा है। बताया जा रहा है कि सुनील सिंह न केवल राजस्व विभाग में VIP मैनेजमेंट देखते हैं, बल्कि जिले के कई प्रभावशाली अधिकारियों और नेताओं से उनके करीबी संबंध हैं।
आरोप यह भी है कि जो लेखपाल सुनील सिंह के इशारों पर काम नहीं करता, उसका ट्रांसफर करवा दिया जाता है।

दस्तावेजों के अनुसार ग्राम निबहरी के गाटा संख्या 118, 112, 499 में 17,835 घनमीटर मिट्टी खुदाई की अनुमति केवल एक सीमित उद्देश्य से दी गई थी, किंतु संस्था ने अवैध परिवहन/खनन कर सरकारी नियमों की धज्जियाँ उड़ाईं है।

सूत्र बताते हैं कि सुनील सिंह का ट्रांसफर पहले बांगरमऊ फिर बीघापुर किया गया था, लेकिन उन्होंने बीघापुर में कार्यभार संभाल लिया है, लेकिन मौजूदा स्थान को नहीं छोड़ा।
इसके बावजूद वे सोहरामऊ और आसपास के कई राजस्व क्षेत्रों का नियंत्रण अपने हाथ में रखे हुए हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब कल शाम 6 बजे उप जिलाधिकारी हसनगंज से यह पूछा गया कि “सोहरामऊ का लेखपाल कौन है?” तो उन्होंने फोन काट दिया और उसके बाद कॉल रिसीव नहीं की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सुनील सिंह के इशारों पर पूरा राजस्व तंत्र चलता है और उनकी जानकारी के बिना कोई भी कार्रवाई संभव नहीं।
लोगों ने जिलाधिकारी उन्नाव से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और लेखपाल सुनील सिंह की भूमिका की गहन पड़ताल की मांग की है।

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