मथुरा
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार सख्त होता जा रहा है। बीती रात थाना फरह क्षेत्र के रैपुरा जाट गांव के पास पुलिस और लुटेरों के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें मथुरा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। इस मुठभेड़ में एक कुख्यात बदमाश नीरज निवासी आगरा पुलिस की गोली से ढेर हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक करोड़ रुपये कीमत की 75 किलो लूटी हुई चांदी, एक बोलेरो कार, एक पिस्तौल और कारतूस बरामद किए हैं।
यह पूरा घटनाक्रम 29 जुलाई की रात से जुड़ा है, जब मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र के प्रतिष्ठित सर्राफा कारोबारी हरिओम सोनी का बेटा कन्हैया सोनी और उनका चालक शब्बीर आगरा की नमक मंडी से भारी मात्रा में चांदी लेकर अपनी कार से मथुरा लौट रहे थे। जैसे ही वे फरह थाना क्षेत्र से होकर गुजर रहे थे, तभी अचानक बाइक और बोलेरो में सवार हथियारबंद बदमाशों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और तमंचों की नोक पर उन्हें धमकाकर पूरी 75 किलो चांदी लूटकर फरार हो गए। इस हाई-प्रोफाइल लूट की घटना ने न सिर्फ मथुरा बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में सर्राफा व्यापारियों के बीच खौफ और चिंता का माहौल पैदा कर दिया था।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं, जिसमें सर्विलांस सेल, स्थानीय थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की इकाइयां शामिल थीं। लूट की वारदात के महज दो दिन के भीतर पुलिस को खुफिया तंत्र से यह सूचना मिली कि फरार बदमाश मथुरा-आगरा बॉर्डर के पास रैपुरा जाट गांव में देखे गए हैं और कहीं भागने की फिराक में हैं।
सूचना के आधार पर जब पुलिस ने घेराबंदी की और बदमाशों को आत्मसमर्पण के लिए कहा, तो बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक बदमाश नीरज मारा गया, जबकि राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मौके से चांदी के बक्से, बोलेरो गाड़ी और हथियार बरामद कर लिए हैं।
पुलिस अधीक्षक (सिटी) राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मारा गया बदमाश नीरज पेशेवर अपराधी था और उस पर लूट, डकैती, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरोह सर्राफा कारोबारियों की रेकी कर उन्हें निशाना बनाता था और कीमती धातुओं की तस्करी में भी संलिप्त होने की आशंका है। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ मथुरा-आगरा ही नहीं बल्कि अन्य जिलों और संभवतः राजस्थान, दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है।
पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने के लिए गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए कई संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस लूट के पीछे किसी स्थानीय सहयोगी का हाथ था, जिसने इन बदमाशों को व्यापारियों की मूवमेंट की जानकारी दी।
इस पूरी कार्रवाई को लेकर जिले में पुलिस की जमकर सराहना हो रही है। मथुरा के व्यापारिक संगठनों ने इस त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया को सराहनीय बताया है और पुलिस कप्तान को धन्यवाद ज्ञापित किया है। वहीं, यह मुठभेड़ उन अपराधियों के लिए भी एक सख्त संदेश है जो व्यापारियों और आम जनता को निशाना बनाकर संगठित अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं।
मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद और सतर्क है। यह घटना न केवल एक बड़ी लूट की गुत्थी को सुलझाने में अहम रही, बल्कि आने वाले समय में पुलिस की रणनीतिक सक्रियता का भी प्रमाण बन गई है। बदमाशों के खिलाफ जारी इस सख्ती से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, वहीं अपराधियों के लिए यह मुठभेड़ एक चेतावनी से कम नहीं।
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