उन्नाव, 23 अगस्त।
सोहरामऊ थाना क्षेत्र के बाबाखेड़ा गांव निवासी युवक की पांच दिन पूर्व दर्ज गुमशुदगी का शनिवार को दुखद अंत हो गया। गांव के बाहर नाले में युवक का शव उतराता हुआ देखा गया तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पाते ही थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप शुक्ला अपनी पुलिस टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल भेजा गया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट और तलाश
मृतक युवक की पहचान प्रमोद पुत्र स्व. मुन्नीलाल निवासी बाबाखेड़ा के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, 20 अगस्त को प्रमोद घर से बिना बताए निकला था और वापस नहीं लौटा। परिवारजन जब देर रात तक उसकी कोई खबर न पा सके तो चिंतित हो उठे। दो दिन बाद 22 अगस्त को उसकी मां रामजानकी देवी ने थाने में तहरीर देकर बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई।
गुमशुदगी दर्ज होते ही थाना प्रभारी संदीप शुक्ला ने टीम गठित कर युवक की तलाश शुरू कराई। ग्रामीणों से लगातार पूछताछ की गई और आसपास के इलाकों में भी पता लगाया गया। हालांकि प्रमोद मोबाइल फोन नहीं रखता था, जिसके कारण उसकी लोकेशन ट्रेस करना संभव नहीं था, फिर भी पुलिस ने हर संभावित जगह पर खोजबीन जारी रखी।
ग्रामीणों के बयान और घटनाक्रम
गांव और आसपास के ग्रामीणों के अनुसार, प्रमोद को बुधवार को बेगमखेड़ा क्षेत्र में शराब के नशे की हालत में देखा गया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह उस दिन देर शाम नाले की ओर गया था। संभावना जताई जा रही है कि नशे में धुत होने के कारण वह नाले में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
शनिवार की दोपहर जब कुछ ग्रामीण नाले के पास से गुजर रहे थे तो उन्होंने पानी में उतराता शव देखा। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। थोड़ी ही देर में थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया।
मृतक की पारिवारिक स्थिति
ग्रामीणों ने बताया कि प्रमोद की शादी वर्ष 2015 में हुई थी, लेकिन शराब की लत और असामान्य व्यवहार के चलते वैवाहिक जीवन ज्यादा दिन नहीं चल सका। तीन साल बाद पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई और तब से प्रमोद अकेला रहने लगा।
पिता मुन्नीलाल की मौत पहले ही एक सड़क दुर्घटना में हो चुकी थी। इन घटनाओं के बाद से प्रमोद का मानसिक संतुलन भी काफी बिगड़ गया था। नशे का आदी होने के कारण वह अक्सर विवादों में उलझा रहता था। बताया जाता है कि एक बार दारू के ठेके पर हुए विवाद में उसने सोहरामऊ निवासी एक युवक को चाकू मार दिया था। उस मामले में उसे करीब ढाई साल जेल में रहना पड़ा और हाल ही में वह रिहा होकर गांव लौटा था।
उसकी दो बहनें हैं, जो विवाहित हैं। मां रामजानकी और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवारजन इस घटना से पूरी तरह टूट गए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और प्रभारी निरीक्षक का पक्ष
थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप शुक्ला ने बताया कि जैसे ही गुमशुदगी दर्ज हुई, पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी थी। लगातार प्रयास किए गए और ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखा गया। शनिवार को शव मिलने की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई पूरी की गई।
उन्होंने कहा कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
संदीप शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि गुमशुदगी दर्ज होते ही मामले को गंभीरता से लिया गया था और पुलिस हर स्तर पर युवक की तलाश में जुटी थी। ग्रामीणों और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर ही संभावनाओं पर काम किया जा रहा था।
क्षेत्र में चर्चा का विषय
गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर शराब की लत और उससे होने वाले दुष्परिणामों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रमोद की मौत नशे की वजह से हुई, क्योंकि उसने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा इसी आदत के कारण बर्बाद कर दिया था।
वहीं, पुलिस की तत्परता और थाना प्रभारी संदीप शुक्ला की गंभीरता की गांव में चर्चा है। लोगों का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार सक्रिय रही और शव की बरामदगी होते ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई।
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