उन्नाव, 13 अगस्त।
स्वतंत्रता दिवस से पहले उन्नाव शहर देशभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर हो गया। बड़े हनुमान मंदिर के पास से रविवार को नर सेवा नारायण सेवा संस्था के संस्थापक विमल द्विवेदी के नेतृत्व में 151 मीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा न सिर्फ आकार में विशाल थी, बल्कि इसमें उमड़ी भीड़ और देशभक्ति के उत्साह ने इसे एक ऐतिहासिक आयोजन बना दिया।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी
इस तिरंगा यात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी और सदर विधायक पंकज गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल होकर लोगों का उत्साह बढ़ाया। उनके साथ कई स्थानीय पार्षद, भाजपा कार्यकर्ता और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा में एनसीसी कैडेट्स के छात्र-छात्राओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। खाकी ड्रेस में तिरंगे की सलामी देते युवा कैडेट्स, बैंड की धुन और “भारत माता की जय” के नारों ने पूरे माहौल को जोशीला बना दिया।
देशभक्ति से सराबोर माहौल
तिरंगा यात्रा का नज़ारा किसी पर्व से कम नहीं था। यात्रा के दौरान 151 मीटर लंबा तिरंगा कई लोगों के हाथों में थामे हुए आगे बढ़ रहा था। सड़क के दोनों ओर खड़े लोग तिरंगे को निहारते और “वंदे मातरम”, “जय हिंद” जैसे नारे लगाते रहे। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर उम्र के लोग शामिल थे। कई लोग देशभक्ति के गीत गा रहे थे, तो कुछ लोग ढोल-नगाड़ों की थाप पर नृत्य करते नजर आए।
विमल द्विवेदी का संदेश
उन्होंने आगे कहा कि इस यात्रा को जनता का अपार समर्थन मिला है और यह देखकर खुशी होती है कि लोग हर साल और अधिक उत्साह के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं।
सदर विधायक पंकज गुप्ता का संबोधन
उन्होंने आयोजकों को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं और सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी।
ऐतिहासिक महत्व और परंपरा
उन्नाव में तिरंगा यात्रा निकालने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। बड़े हनुमान मंदिर के पास से निकलने वाली यह यात्रा जिले के प्रमुख आयोजनों में से एक बन चुकी है। 151 मीटर लंबा तिरंगा यहां का मुख्य आकर्षण होता है, जिसे बड़ी सावधानी और गर्व के साथ सैकड़ों लोग थामे रहते हैं।
इस आयोजन का मकसद केवल तिरंगे को प्रदर्शित करना नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।
जनता का जोश और समर्थन
यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने पानी, शरबत और नाश्ते के स्टॉल लगाकर प्रतिभागियों का स्वागत किया। कई बुजुर्ग लोग अपने घरों की छतों से तिरंगा लहराकर यात्रा में शामिल लोगों का अभिवादन कर रहे थे।
लोगों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और भाईचारा बढ़ता है। तिरंगा यात्रा सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह संदेश है कि हम सब भारतीय हैं और हमारी पहचान सबसे पहले हमारे देश से है।
समापन और राष्ट्रगान
यात्रा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां सभी ने एक साथ खड़े होकर “जन गण मन” गाया। इस मौके पर माहौल भावुक और गर्व से भरा हुआ था।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में वे इस तिरंगा यात्रा को और भव्य बनाने की योजना बना रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल होकर देशभक्ति का हिस्सा बन सकें।
कुल मिलाकर, उन्नाव की यह 151 मीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि देशभक्ति का जीवंत उदाहरण है, जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी लोगों के दिलों में तिरंगे के लिए वही सम्मान और प्रेम मौजूद है, जैसा स्वतंत्रता संग्राम के समय था।
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